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मानव जनन: NEET क्विक रिवीज़न

लेखक: डॉ. हेमंत उपाध्याय, ज़ूलॉजी फ़ैकल्टी, प्रमाण इंस्टिट्यूट (NEET पढ़ाने का 18 साल का अनुभव, पूर्व Allen)

प्रकाशित विश्लेषणों के अनुसार 2025 में मानव जनन से NEET में लगभग छह सवाल आए, और कक्षा 12 बोर्ड में भी यह पसंदीदा चैप्टर है। सवाल NCERT के सटीक तथ्य परखते हैं: कौन-सी कोशिका क्या स्रावित करती है, कौन-सा हॉर्मोन कब शिखर पर होता है, और किस दिन क्या होता है। हर टेस्ट से पहले इन बिंदुओं को दो बार दोहराएँ।

जनन तंत्र

  1. वृषण वृषणकोष में होते हैं, जो उन्हें शरीर के ताप से 2–2.5 °C कम रखता है, जैसा शुक्राणु बनने के लिए ज़रूरी है।
  2. हर वृषण में लगभग 250 वृषण पालिकाएँ होती हैं, हर एक में 1–3 शुक्रजनक नलिकाएँ।
  3. नलिकाओं में मौजूद सर्टोली कोशिकाएँ विकसित हो रहे शुक्राणुओं को पोषण देती हैं। नलिकाओं के बीच की लेडिग (अंतरालीय) कोशिकाएँ एंड्रोजन स्रावित करती हैं।
  4. नर वाहिनियों का क्रम: वृषण जालिका (rete testis) → शुक्रवाहिकाएँ (vasa efferentia) → अधिवृषण (epididymis) → शुक्रवाहक (vas deferens) → स्खलनीय वाहिनी → मूत्रमार्ग।
  5. नर सहायक ग्रंथियाँ: युग्मित शुक्राशय, एक पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) और युग्मित बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथियाँ।
  6. अंडवाहिनी के तीन भाग हैं: कीपक (झालर सहित), तुंबिका (एम्पुला) और संकीर्ण भाग (इस्थमस)। गर्भाशय की भित्ति की तीन परतें हैं: परिगर्भाशय, गर्भाशयपेशीस्तर और गर्भाशय अंतःस्तर (एंडोमेट्रियम)।

युग्मकजनन

शुक्रजननअंडजनन
यौवनारंभ पर शुरू होता हैजन्म से पहले, भ्रूण अवस्था में शुरू होता है; जन्म के बाद कोई नई अंडजनक कोशिका नहीं बनती
शुक्राणुजन (2n) → प्राथमिक शुक्राणुकोशिका (2n) → द्वितीयक शुक्राणुकोशिकाएँ (n) → शुक्राणुप्रसू (n) → शुक्राणुप्राथमिक अंडक (प्रोफ़ेज़ I में रुका हुआ) → द्वितीयक अंडक + पहला ध्रुवीय काय → अंडाणु + दूसरा ध्रुवीय काय
एक प्राथमिक शुक्राणुकोशिका से 4 शुक्राणुएक प्राथमिक अंडक से 1 अंडाणु
शुक्राणुप्रसू शुक्राणुकायांतरण से शुक्राणु बनते हैं; नलिका से निकलना वीर्यसेचन (spermiation) हैद्वितीयक अंडक अंडोत्सर्ग में निकलता है; अर्धसूत्री विभाजन II तभी पूरा होता है जब शुक्राणु प्रवेश करता है

हॉर्मोन: हाइपोथैलेमस का GnRH, LH और FSH बढ़ाता है। LH लेडिग कोशिकाओं पर काम करके एंड्रोजन निकलवाता है; FSH सर्टोली कोशिकाओं पर काम करता है।

शुक्राणु के तथ्य: शुक्राणु में सिर (एक्रोसोम और केंद्रक), ग्रीवा, मध्य भाग (ऊर्जा के लिए माइटोकॉन्ड्रिया) और पूंछ होती है। एक बार के स्खलन में 20–30 करोड़ (200–300 मिलियन) शुक्राणु होते हैं; सामान्य जनन क्षमता के लिए कम से कम 60% का आकार सामान्य और कम से कम 40% में तेज़ गतिशीलता होनी चाहिए।

आर्तव चक्र (लगभग 28 दिन)

चरणदिन (लगभग)क्या होता है
रजस्राव चरण3–5अंडाणु निषेचित न होने के कारण एंडोमेट्रियम टूटकर बाहर निकलता है
पुटिका (फ़ॉलिकुलर) या प्रवर्धन चरणलगभग दिन 14 तकFSH और LH से पुटिकाएँ बढ़ती हैं; एस्ट्रोजन एंडोमेट्रियम को फिर से बनाता है
अंडोत्सर्गलगभग दिन 14LH का उछाल (LH surge) द्वितीयक अंडक को मुक्त करता है
ल्यूटियल या स्रावी चरणदिन 15–28कॉर्पस ल्यूटियम प्रोजेस्टेरोन स्रावित करता है, जो एंडोमेट्रियम को अंतर्रोपण के लिए तैयार रखता है

यौवनारंभ पर पहला चक्र रजोदर्शन (मेनार्की) है; लगभग 50 वर्ष की आयु में रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज़) पर चक्र रुक जाते हैं।

निषेचन से जन्म तक

  1. निषेचन अंडवाहिनी के तुंबिका (एम्पुला) भाग में होता है। जैसे ही कोई शुक्राणु ज़ोना पेलूसिडा को छूता है, उसमें बदलाव होकर और शुक्राणुओं का प्रवेश रुक जाता है।
  2. शिशु का लिंग शुक्राणु तय करता है: X वाला शुक्राणु से लड़की, Y वाला शुक्राणु से लड़का।
  3. विदलन से मोरुला (8–16 कोशिकाएँ) बनता है, फिर ब्लास्टोसिस्ट, जिसमें बाहरी ट्रोफ़ोब्लास्ट और भीतरी कोशिका समूह (inner cell mass) होता है। ट्रोफ़ोब्लास्ट एंडोमेट्रियम से चिपकती है (अंतर्रोपण), और भीतरी कोशिका समूह भ्रूण बनता है।
  4. अपरा (प्लेसेंटा) जरायु अंकुरों (कोरियॉनिक विलाई) और गर्भाशय ऊतक से बनता है। यह hCG, hPL, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजन स्रावित करता है। गर्भावस्था के बाद के चरण में अंडाशय रिलैक्सिन स्रावित करता है। hCG, hPL और रिलैक्सिन केवल गर्भावस्था में बनते हैं।
  5. मुख्य पड़ाव: लगभग एक महीने बाद हृदय बनता है; दूसरे महीने के अंत तक हाथ-पैर और उँगलियाँ; 12 हफ़्ते तक ज़्यादातर अंग तंत्र; पाँचवें महीने में पहली हलचल; 24 हफ़्ते तक पलकें अलग होती हैं और बरौनियाँ बनती हैं। गर्भावस्था लगभग नौ महीने की होती है।
  6. प्रसव (पार्चुरिशन) भ्रूण निष्कासन प्रतिवर्त (fetal ejection reflex) से शुरू होता है, जो ऑक्सीटोसिन निकलवाता है। पहला दूध, खीस (कोलस्ट्रम), IgA एंटीबॉडी लिए होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निषेचन कहाँ होता है? फैलोपियन नलिका (अंडवाहिनी) के एम्पुला भाग में।

अंडोत्सर्ग किस हॉर्मोन से होता है? चक्र के बीच में LH के उछाल से।

टेस्टोस्टेरोन कौन-सी कोशिकाएँ स्रावित करती हैं? लेडिग (अंतरालीय) कोशिकाएँ।

प्रमाण, गीता भवन चौराहा, इंदौर में ज़्यादा से ज़्यादा 40 छात्रों की बैच में हर हफ़्ते टेस्ट के साथ NCERT बायोलॉजी रिवाइज़ करें। हमारा NEET प्रोग्राम और NEET 90-दिन रिवीज़न प्रोग्राम देखें।

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