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Pramana Learning

संक्षिप्त उत्तर। किसी भी JEE या NEET कोचिंग में दाख़िले से पहले पाँच बातें देखें: बैच का आकार, कौन पढ़ाता है, टेस्ट की समीक्षा कैसे होती है, क्या हर विद्यार्थी पर कोई मेंटर नज़र रखता है, और अभिभावकों को क्या दिखता है। प्रमाण इंस्टिट्यूट में: बैच में अधिकतम 40, 14 से 25 साल के पढ़ाने के अनुभव वाले शिक्षक (फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में IIT कानपुर और IIT रुड़की के स्नातक), हर 20 पर एक मेंटर और हर पखवाड़े अभिभावकों को रिपोर्ट।

कोकिल जैन, केमिस्ट्री फैकल्टी, प्रमाण इंस्टिट्यूट (IIT कानपुर, JEE और NEET पढ़ाने का 14 साल का अनुभव)

कोचिंग चुनना JEE या NEET की तैयारी के दो सालों का सबसे बड़ा फ़ैसला है। फीस ज़्यादा है, समय कम है, और हर इंस्टिट्यूट खुद को सबसे अच्छा बताता है। लेकिन बच्चे का रिज़ल्ट ब्रांड के नाम से नहीं, इस बात से तय होता है कि क्लास में उस पर कितना ध्यान दिया जाता है। ये 10 सवाल इसीलिए हैं। इन्हें प्रिंट करके हर काउंसलिंग में साथ ले जाएँ, हमारी काउंसलिंग में भी।

1. एक बैच में कितने छात्र बैठते हैं?

150 छात्रों की बैच में एक शर्मीला छात्र हफ़्तों तक एक भी सवाल पूछे बिना रह सकता है, और किसी को पता भी नहीं चलता। इसलिए बैच की सटीक सीमा पूछें, और यह भी कि एडमिशन खत्म होने के बाद भी वह सीमा बनी रहती है या नहीं। प्रमाण में हर बैच में ज़्यादा से ज़्यादा 40 छात्र होते हैं।

2. मेरे बच्चे को असल में कौन पढ़ाएगा?

विज्ञापन में दिखने वाले स्टार फैकल्टी हर बैच को नहीं पढ़ाते। उन शिक्षकों के नाम पूछें जो आपके बच्चे की बैच लेंगे, और देखें कि उन्होंने कितने साल JEE या NEET पढ़ाया है।

3. क्या हम डेमो क्लास देख सकते हैं?

अच्छा इंस्टिट्यूट आपके बच्चे को असली क्लास में बैठने देता है। देखें कि छात्र सवाल पूछते हैं या नहीं, और शिक्षक समझ परखते हैं या सिर्फ़ बोलते जाते हैं।

4. टेस्ट कितनी बार होते हैं, और उसके बाद क्या होता है?

हर हफ़्ते टेस्ट तभी काम के हैं जब कोई छात्र के साथ बैठकर उसकी गलतियाँ देखे। वर्ना वही गलतियाँ अगले टेस्ट में फिर होती हैं। पूछें कि हर टेस्ट का रिव्यू कौन और कैसे करता है।

5. क्या हर छात्र का अपना मेंटर है?

पूछें कि मेंटर हर छात्र से कितनी बार, कितनी देर मिलता है और क्या बात करता है। प्रमाण में हर मेंटर 20 छात्रों की ज़िम्मेदारी लेता है और हर छात्र से हर हफ़्ते 15 मिनट मिलता है।

6. माता-पिता को बच्चे की प्रोग्रेस कैसे पता चलेगी?

सैंपल प्रोग्रेस रिपोर्ट देखें और पूछें कि कितनी बार भेजी जाती है। हर दो हफ़्ते की रिपोर्ट से आप समस्या बड़ी होने से पहले कुछ कर सकते हैं।

7. कुल फीस कितनी है, और उसमें क्या-क्या शामिल है?

ट्यूशन, स्टडी मटीरियल, टेस्ट सीरीज़ और रजिस्ट्रेशन मिलाकर एक लिखित आंकड़ा माँगें। रिफ़ंड पॉलिसी और स्कॉलरशिप के बारे में भी पूछें।

प्रमाण की फीस: कक्षा 11 और 12 प्रोग्राम के लिए ₹1,00,000 + GST प्रति वर्ष, और एक साल के ड्रॉपर प्रोग्राम के लिए ₹1,20,000 + GST।

मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप: कक्षा 9 से 12वीं पास तक के छात्र 31 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 के बीच घर से ऑनलाइन मुफ़्त प्रमाण प्रशस्त स्कॉलरशिप टेस्ट दे सकते हैं। रिज़ल्ट के आधार पर 25%, 50%, 75% या 100% ट्यूशन स्कॉलरशिप मिलती है, और मापदंड पूरे करने वाले टॉप 10 छात्रों को 100% ट्यूशन के साथ मुफ़्त हॉस्टल और खाना भी। स्कॉलरशिप इंदौर में काउंसलिंग-कम-एकेडमिक इंटरव्यू के बाद पक्की होती है, और हर साल प्रदर्शन और उपस्थिति के आधार पर रिन्यू होती है।

8. क्लास के बाहर डाउट कैसे सुलझते हैं?

रुका हुआ डाउट अगले चैप्टर को भी कमज़ोर कर देता है। पूछें कि डाउट क्लियरिंग का तय समय है या नहीं, और क्लास के बाद शिक्षक से बात हो सकती है या नहीं।

9. क्या रिज़ल्ट के दावे जाँचे जा सकते हैं?

नाम, रैंक और साल पूछें, और यह भी कि वे छात्र क्लासरूम प्रोग्राम में पढ़े थे या सिर्फ़ टेस्ट सीरीज़ में थे।

10. क्या रोज़मर्रा के लिए यह सुरक्षित और व्यावहारिक है?

सफ़र का समय, स्कूल के साथ मेल खाते क्लास के समय, और इंदौर के बाहर के छात्रों के लिए पास में हॉस्टल या PG देखें। दूसरे शहरों से प्रमाण आने वाले परिवार अक्सर रिशिता गर्ल्स हॉस्टल और SK बॉयज़ हॉस्टल चुनते हैं।

इस चेकलिस्ट के साथ प्रमाण आएँ

मुफ़्त काउंसलिंग बुक करें और हमसे ये दसों सवाल पूछें। आप घर से मुफ़्त प्रशस्त टेस्ट देकर भी देख सकते हैं कि आपका बच्चा कहाँ खड़ा है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बड़ा इंस्टिट्यूट हमेशा बेहतर होता है? नहीं। बड़े ब्रांड का मतलब अक्सर बड़ी बैच होता है। ज़रूरी यह है कि आपके बच्चे को शिक्षकों और मेंटर से कितना ध्यान मिलता है।

ऑनलाइन या ऑफ़लाइन कोचिंग, क्या चुनें? कक्षा 11 के ज़्यादातर छात्रों के लिए ऑफ़लाइन कोचिंग बेहतर है, क्योंकि इसमें तय दिनचर्या और सीधा डाउट क्लियरिंग होती है। ऑनलाइन टेस्ट सीरीज़ इसके साथ अतिरिक्त अभ्यास के लिए अच्छी है।

फ़ैसला कब करना चाहिए? आदर्श रूप से कक्षा 11 शुरू होने से पहले, ताकि सिलेबस के शुरुआती महीने न छूटें। अक्टूबर–नवंबर के स्कॉलरशिप टेस्ट तुलना करने में मदद करते हैं।

आगे पढ़ें: कोटा या इंदौर? और इंदौर में आपके पास कोचिंग।