लेखक: अभिषेक जायसवाल, गणित शिक्षक, प्रमाण इंस्टिट्यूट (IIT रुड़की, JEE पढ़ाने का 18 साल का अनुभव)
JEE Main 2027 का पहला सेशन 22 से 30 जनवरी 2027 के बीच होने की उम्मीद है। यह NTA के संभावित शेड्यूल पर आधारित है, जिसकी ख़बर सितंबर 2026 में आई थी (Careers360)। बुलेटिन आने पर पक्की तारीख़ें jeemain.nta.nic.in पर ज़रूर देखें। अक्टूबर के बीच से गिनें तो लगभग 13 हफ़्ते बचते हैं।
JEE पढ़ाते हुए 18 सालों में मैंने देखा है कि इन 13 हफ़्तों में जितने नंबर बनते और बिगड़ते हैं, उतने पूरी 11वीं में भी नहीं। सबसे ज़्यादा सुधार उन छात्रों का होता है जो नया पढ़ना बंद करके, सोच-समझकर रिवीज़न शुरू करते हैं, न कि उनका जो सबसे ज़्यादा नया पढ़ते हैं।
अभी नए चैप्टर शुरू करना अक्सर नंबर क्यों घटाता है
दिसंबर में पढ़ा गया चैप्टर जनवरी तक शायद ही परीक्षा के लिए तैयार होता है। किसी टॉपिक को समय के दबाव में नंबरों में बदलने के लिए दो-तीन राउंड का अभ्यास चाहिए। इस बीच उस पर लगे घंटे उन चैप्टरों से कटते हैं जो आपको आधे आते हैं, और आसान नंबर वहीं हैं। जब कोई छात्र दिसंबर में कहता है कि वह “सिलेबस पूरा कर रहा है”, तो मैं अक्सर पूछता हूँ: परीक्षा में कौन-से तीन चैप्टर ग़लत करने को तैयार हो?
आपके “पीले” चैप्टर सबसे ज़रूरी क्यों हैं
हर चैप्टर को तीन रंगों में बाँटें: हरा (मज़बूत), पीला (पढ़ा है पर पक्का नहीं) और लाल (कमज़ोर या नहीं पढ़ा)। ज़्यादातर छात्र रिवीज़न का समय लाल चैप्टरों पर लगाते हैं, क्योंकि वे सबसे ज़रूरी लगते हैं। लेकिन पीला चैप्टर कुछ घंटों में भरोसेमंद बन जाता है, जबकि लाल चैप्टर को हफ़्ते लगते हैं। 300 नंबर के पेपर में, एक दर्जन पीले चैप्टर ठीक करना दो लाल चैप्टर आधे-अधूरे सीखने से कहीं ज़्यादा फ़ायदेमंद है।
सिर्फ़ mock test देने से स्कोर क्यों नहीं बढ़ता
Mock test देने से पता चलता है कि स्कोर क्या है। उसका विश्लेषण करने से पता चलता है कि ऐसा क्यों है। मैंने छात्रों को 30 mock देकर भी उतने ही नंबर पर अटके देखा है, क्योंकि हर टेस्ट में वही ग़लतियाँ दोहराई जाती हैं। मेरे छात्रों के लिए नियम है: mock का विश्लेषण उतनी ही देर करें जितनी देर टेस्ट दिया, और हर ग़लत या धीमे सवाल को कारण के साथ एक error notebook में लिखें। जनवरी तक यही नोटबुक आपकी सबसे क़ीमती किताब होगी।
केमिस्ट्री में नंबर सबसे जल्दी क्यों बढ़ते हैं
JEE Main की केमिस्ट्री का बड़ा हिस्सा, ख़ासकर Inorganic और Organic के कुछ भाग, NCERT की लाइनों के बहुत क़रीब होता है। यह सबसे जल्दी हल होने वाला सेक्शन भी है। जो छात्र NCERT केमिस्ट्री लाइन-दर-लाइन रिवाइज़ करता है, वह अक्सर तीन हफ़्तों में किसी भी दूसरे विषय से ज़्यादा नंबर जोड़ लेता है। इसीलिए कई टॉपर परीक्षा में केमिस्ट्री सबसे पहले करते हैं।
ज़्यादा सवाल करने से ज़्यादा ज़रूरी सही सवाल करना क्यों है
JEE Main में 300 नंबर के 75 सवाल होते हैं: फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में 25-25, हर विषय में 20 बहुविकल्पीय (MCQ) और 5 न्यूमेरिकल सवाल। सही उत्तर पर 4 नंबर मिलते हैं, और ग़लत MCQ पर 1 नंबर कटता है (अंतिम मार्किंग स्कीम के लिए 2027 का बुलेटिन देखें)। पाँच लापरवाह ग़लत उत्तर पूरे एक चैप्टर के सही उत्तरों को बराबर कर सकते हैं। आख़िरी महीने में सिर्फ़ कुल स्कोर नहीं, हर विषय की accuracy पर नज़र रखें।
योजना, संक्षेप में
| हफ़्ते | किस पर ध्यान | Mock test |
|---|---|---|
| 1–5 (अक्टूबर के बीच से नवंबर के आख़िर तक) | हर हरे और पीले चैप्टर को अपने short notes से रिवाइज़ करें; हर चैप्टर के 25–30 PYQ; NCERT केमिस्ट्री लाइन-दर-लाइन | हफ़्ते में 1, पूरे विश्लेषण के साथ |
| 6–9 (नवंबर के आख़िर से दिसंबर के आख़िर तक) | सिर्फ़ वे चैप्टर जिनमें mock में बार-बार ग़लती हो रही है; लाल में से सिर्फ़ ज़्यादा वेटेज वाले चैप्टर | हफ़्ते में 2, परीक्षा के समय पर |
| 10–12 (दिसंबर के आख़िर से जनवरी के बीच तक) | रोज़ फ़ॉर्मूले और रिएक्शन; परीक्षा में विषयों का क्रम तय करें | हफ़्ते में 3 |
| 13 (परीक्षा का हफ़्ता) | Error notebook दो बार, कोई नया चैप्टर नहीं, पूरी नींद | आख़िरी 2 दिन कोई नहीं |
12वीं के छात्र हर शाम एक विषय रिवाइज़ करके और रविवार को पूरा mock देकर इसे स्कूल के साथ चला सकते हैं।
प्रमाण कैसे मदद करता है
हमारी JEE बैच में 40 से ज़्यादा छात्र नहीं होते, इसलिए मुझे पता होता है कि हर छात्र किन चैप्टरों में कमज़ोर है, सिर्फ़ उसका कुल स्कोर नहीं। हर छात्र की हर हफ़्ते मेंटर के साथ 15 मिनट की आमने-सामने बात होती है, और हमारी अनुभव टेस्ट सीरीज़ में all-India रैंक के साथ 20 पूरे mock test उपलब्ध हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आख़िरी तीन महीनों में नए चैप्टर शुरू करने चाहिए? आम तौर पर नहीं। पहले से पढ़े चैप्टरों का रिवीज़न हर घंटे में नए चैप्टर से ज़्यादा नंबर देता है।
कितने mock test देने चाहिए? आख़िरी तीन महीनों में लगभग 20–25 अच्छा लक्ष्य है, लेकिन तभी जब हर एक का ठीक से विश्लेषण हो।
सिलेबस कितनी बार रिवाइज़ करना चाहिए? कम से कम तीन राउंड: एक पूरा रिवीज़न, एक कमज़ोर चैप्टरों पर केंद्रित राउंड, और आख़िरी राउंड फ़ॉर्मूलों और ग़लतियों का।
क्या दोनों सेशन देने चाहिए? हाँ। दोनों में से बेहतर स्कोर गिना जाता है, और सेशन 1 से सेशन 2 से पहले असली परीक्षा का अनुभव मिल जाता है।
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