NEET में छात्र नंबर कहाँ खोते हैं
NEET में ज़्यादातर नंबर कठिन सवालों से नहीं, आसान सवालों में जल्दबाज़ी और NCERT की अधूरी तैयारी से जाते हैं। प्रमाण में हर टॉपिक पहले “क्यों” से शुरू होता है, फिर अभ्यास और टेस्ट, ताकि छात्र सवाल को समझकर हल करे, याद के भरोसे नहीं।
हमारे NEET प्रोग्राम
दो साल का प्रोग्राम (कक्षा 11–12)
10वीं के बाद 11वीं में आने वाले छात्रों के लिए। NCERT की पूरी तैयारी, फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी शुरू से, और पहले दिन से अनुशासित दिनचर्या। शाम की बैच। फ़ीस ₹1,00,000 + GST प्रति वर्ष।
कक्षा 12 के छात्र
इसी साल NEET देने वाले छात्रों के लिए। पूरा NEET सिलेबस बोर्ड की तैयारी के साथ, नियमित मॉक, गलतियों का विश्लेषण और रिवीज़न।
ड्रॉपर प्रोग्राम (1 साल)
जो छात्र NEET दे चुके हैं और दूसरा प्रयास कर रहे हैं। शुरुआत से दोहराने की बजाय कमी भरना, गहन अभ्यास, गलतियों का सुधार और मानसिक तैयारी। सुबह की बैच। फ़ीस ₹1,20,000 + GST।
NEET 90 दिन रिवीज़न प्रोग्राम
NEET से पहले के आख़िरी महीनों के लिए: ज़्यादा वेटेज वाले टॉपिक का रिवीज़न, पूरे मॉक और परीक्षा के दिन की स्ट्रैटेजी। शुरुआत: 11 जनवरी 2027। फ़ीस: ₹21,000 (सब शामिल); 31 दिसंबर 2026 तक रजिस्टर करने पर ₹15,000। क्लास सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक।
इंदौर में NEET के लिए प्रमाण ही क्यों
- छोटी बैच, असली ध्यान: हर बैच में ज़्यादा से ज़्यादा 40 छात्र। 200 छात्रों की क्लास में जो छात्र चुप रह जाता है, यहाँ उसे देखा और सुना जाता है।
- कॉन्सेप्ट पहले: हर टॉपिक इस सवाल से शुरू होता है कि यह क्यों होता है। इससे परीक्षा में सवाल को समझना आसान होता है।
- अनुभवी शिक्षक: डॉ. हेमंत उपाध्याय (ज़ूलॉजी, पूर्व Allen, 18 साल) और राजेश साहू (बॉटनी, पूर्व Allen और Aakash, 25 साल), साथ में IIT ग्रेजुएट फिज़िक्स और केमिस्ट्री शिक्षक।
- नियमित टेस्ट और विश्लेषण: हर हफ़्ते टेस्ट, पूरे मॉक, और हर टेस्ट के बाद विषयवार विश्लेषण। नंबर से ज़्यादा गलतियों के पैटर्न पर ध्यान।
- पढ़ाई से आगे की मेंटरशिप: मेंटर हौसला देखते हैं, परीक्षा की घबराहट में मदद करते हैं, और लंबे समय तक टिकने वाला अनुशासन बनाते हैं।
- प्रमाण लर्निंग साइकिल: जागरूकता, समझ, अभ्यास और आत्म-विश्लेषण।
प्रमाण लर्निंग साइकिल: चार चरण
NEET की तैयारी सिर्फ़ जानकारी भरना नहीं, सोचना सीखना है।
- जागरूकता: पढ़ाई से पहले ध्यान और आत्म-जागरूकता।
- समझ: कॉन्सेप्ट जड़ से, शॉर्टकट से पहले।
- अभ्यास: NTA जैसे सवाल, पिछले सालों के पेपर, और अनजाने सवाल।
- आत्म-विश्लेषण: हर टेस्ट के बाद गलती का कारण और उसे दोबारा न करने का तरीका।
NEET सिलेबस एक नज़र में
पिछले पैटर्न में NEET UG 3 घंटे, 180 सवाल और 720 अंक का था, तीन विषयों में: फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी। 2027 से NEET कंप्यूटर पर (CBT) होगा। हम टॉपिक को उनके वेटेज के हिसाब से प्राथमिकता देते हैं।
- बायोलॉजी (360 अंक, आधा पेपर): कक्षा 11 और 12 की NCERT से बॉटनी और ज़ूलॉजी। मुख्य टॉपिक: सेल बायोलॉजी, जेनेटिक्स और इवोल्यूशन, ह्यूमन फिज़ियोलॉजी, प्लांट फिज़ियोलॉजी, रिप्रोडक्शन, इकोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी। NCERT लाइन-दर-लाइन।
- फिज़िक्स (180 अंक): कॉन्सेप्ट और गणना दोनों। मुख्य टॉपिक: मैकेनिक्स, थर्मोडायनेमिक्स, ऑप्टिक्स, करंट इलेक्ट्रिसिटी और मॉडर्न फिज़िक्स।
- केमिस्ट्री (180 अंक): फिज़िकल में गणना, ऑर्गेनिक में रिएक्शन मैकेनिज़्म की समझ, और इनऑर्गेनिक ज़्यादातर NCERT आधारित और सही रिवीज़न से अच्छे नंबर देने वाला।
फ़ीस
कक्षा 11–12: ₹1,00,000 + GST प्रति वर्ष। ड्रॉपर: ₹1,20,000 + GST। प्रशस्त स्कॉलरशिप टेस्ट से 25% से 100% तक ट्यूशन स्कॉलरशिप। बैच का समय और सीटें जानने के लिए काउंसलिंग बुक करें।
सुविधाएँ
सेंटर: विक्ट्री चैंबर, AB रोड (गीता भवन चौराहा), इंदौर।
- रोशन, शांत क्लासरूम
- NCERT, रेफ़रेंस किताबें और पिछले सालों के पेपर वाली लाइब्रेरी
- पूरे मॉक के लिए अलग टेस्ट हॉल
- क्लास के बाद डाउट सेशन
- ऑनलाइन अतिरिक्त सामग्री
- मेहनती साथियों का माहौल
टेस्ट सीरीज़
- हर हफ़्ते विषयवार छोटे टेस्ट, NEET पैटर्न पर
- हर महीने पूरा NEET मॉक, NTA शैली में
- हर टेस्ट के बाद विषय, टॉपिक और गलती के प्रकार के हिसाब से विश्लेषण
- कमज़ोर टॉपिक पकड़ने और सुधार की योजना के लिए आमने-सामने समीक्षा
प्रमाण के बारे में
IITians और अनुभवी शिक्षकों द्वारा शुरू किया गया। हम जानबूझकर इंदौर का सबसे बड़ा संस्थान नहीं बनना चाहते, क्योंकि हमारा ध्यान हर छात्र की प्रोग्रेस पर है: छोटी बैच, अनुभवी शिक्षक, व्यवस्थित तरीका, और अनुशासित लेकिन कम दबाव वाला माहौल।
आज ही अपनी NEET की तैयारी शुरू करें
हर साल हम सीमित छात्र लेते हैं, ताकि मेंटरशिप की गुणवत्ता बनी रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या NEET की तैयारी के लिए इंदौर अच्छा शहर है?
हाँ। इंदौर में कोचिंग का अच्छा माहौल है, और रहने का खर्च कोटा या दिल्ली से कम है। MP के परिवारों के लिए यह घर के पास भी है।
इंदौर में NEET कोचिंग कैसे चुनें?
संस्थान जाकर देखें: बैच में कितने छात्र हैं, पूरे साल कौन पढ़ाएगा, और टेस्ट के बाद क्या होता है। हमारी 10 बातों की चेकलिस्ट पढ़ें।
NEET कोचिंग कब शुरू करें: 10वीं में या 11वीं में?
11वीं सबसे अच्छा समय है, दो साल मिलते हैं। 9वीं–10वीं में फाउंडेशन प्रोग्राम से नींव और मज़बूत होती है। 12वीं में बिना नींव के शुरू करना कठिन होता है।
क्या बिना कोचिंग NEET निकाल सकते हैं?
संभव है, पर कठिन। कोचिंग से ढांचा, सही प्राथमिकता और नियमित फ़ीडबैक मिलता है।
NEET की कोचिंग फ़ीस कितनी है?
कक्षा 11–12: ₹1,00,000 + GST प्रति वर्ष। ड्रॉपर: ₹1,20,000 + GST। मेरिट पर स्कॉलरशिप उपलब्ध।
NEET के लिए रोज़ कितने घंटे पढ़ना चाहिए?
टॉपर अक्सर क्लास मिलाकर 6–8 घंटे पढ़ते हैं, पर घंटों से ज़्यादा ध्यान की गुणवत्ता मायने रखती है।
क्या परीक्षा से पहले का कोई रिवीज़न प्रोग्राम है?
हाँ, NEET 90 दिन रिवीज़न प्रोग्राम: 11 जनवरी 2027 से, ₹21,000 (सब शामिल), 31 दिसंबर 2026 तक रजिस्टर करने पर ₹15,000। इसमें ज़्यादा वेटेज वाले टॉपिक का रिवीज़न, पूरे मॉक और परीक्षा के दिन की स्ट्रैटेजी है। रजिस्ट्रेशन की जानकारी
हमें संदेश भेजें
फ़ोन: +91 91091 04431, +91 91091 04432 · ईमेल: pramanainstitute.office@gmail.com
परीक्षा से पहले के महीनों का सही उपयोग: हमारा NEET 2027 रिवीज़न प्लान।
